अगर आप चार्ट को देखते समय सिर्फ कैंडल की "बॉडी" और "विक" (wick) देखने के आदी हैं, तो तैयार हो जाइए — अब हम मार्केट का एक्स-रे (X-ray) करने वाले हैं।
साधारण कैंडलस्टिक हमें केवल युद्ध का परिणाम दिखाती हैं (कीमत कहाँ खुली और कहाँ बंद हुई), लेकिन वे पूरी प्रक्रिया को छिपा देती हैं: उस पल में कौन हावी था, किस लेवल पर सेलर्स "फंस" गए, और कहाँ किसी बड़े प्लेयर (Smart Money) ने "जाल" (Limit Order) बिछाया था।
फुटप्रिंट (Footprint) क्या है?
फुटप्रिंट (या क्लस्टर चार्ट) हर कैंडल के भीतर विशिष्ट प्राइस लेवल पर निष्पादित मार्केट ऑर्डर्स (Market Orders) का एक विज़ुअलाइज़ेशन है। यदि एक साधारण चार्ट किसी घर की तस्वीर है, तो फुटप्रिंट उसका ब्लूप्रिंट है, जो दिखाता है कि कितने लोग मुख्य दरवाजे से अंदर आए और कितने खिड़की से बाहर कूदे।
एक क्लस्टर के मुख्य तत्व:
- Bid (बिड): मार्केट पर होने वाली बिक्री (Market Sell)।
- Ask (आस्क): मार्केट पर होने वाली खरीदारी (Market Buy)।
- Volume (वॉल्यूम): Bid + Ask का कुल योग।
- Delta (डेल्टा): Ask और Bid के बीच का अंतर (Delta = Ask - Bid)। यह खरीदार/विक्रेता की आक्रामकता का प्रमुख संकेतक है।
फुटप्रिंट के प्रकार: कौन सा चुनें?
प्रोफेशनल ट्रेडिंग टर्मिनल (जैसे ATAS, Tiger.Trade, VolFix, NinjaTrader) आपको क्लस्टर के दृश्य को कस्टमाइज़ करने की अनुमति देते हैं। सबसे प्रभावी सेटअप हैं:
- Bid x Ask: क्लासिक व्यू। बाईं ओर बिक्री, दाईं ओर खरीदारी। असंतुलन (Imbalance) खोजने के लिए बेहतरीन।
- Volume Profile: केवल लेवल पर कुल वॉल्यूम दिखाता है। यह POC (Point of Control) खोजने में मदद करता है — यानी कैंडल के भीतर सबसे अधिक वॉल्यूम वाला प्राइस लेवल।
- Delta Profile: कैंडल के अंदर रंगीन हिस्टोग्राम। इससे तुरंत पता चलता है कि कौन "धक्का" दे रहा था — बुल्स या बियर्स।
लाइनों के बीच पढ़ना: मुख्य पैटर्न्स
1. मार्केट असंतुलन (Market Imbalance)
यह तब होता है जब एक निश्चित प्राइस लेवल पर तिरछे (diagonally) रूप से खरीदारी की मात्रा बिक्री की मात्रा से काफी अधिक हो जाती है (या इसके विपरीत)। आमतौर पर 150-300% का अंतर तलाशा जाता है।
Bullish Imbalance: वर्तमान कीमत पर Ask, उसके नीचे वाले लेवल के Bid से 3 गुना अधिक है।
प्रो टिप: यदि आप कैंडल की बॉडी के भीतर लगातार 3-4 असंतुलन लेवल देखते हैं, तो यह "सच्चे" मोमेंटम का संकेत है। कीमत उसी दिशा में जारी रहने की संभावना अधिक है।
2. एब्जॉर्प्शन (Absorption - अवशोषण)
कल्पना कीजिए: कीमत तेजी से गिर रही है, डेल्टा गहरा लाल है (भारी मार्केट सेलिंग), लेकिन कैंडल नीचे नहीं गिरती, बल्कि नीचे से एक लंबी विक (wick) बनाती है।
क्या हो रहा है: एक बड़े खिलाड़ी ने लिमिट बाय ऑर्डर (Limit Buy) लगाए और सारी मार्केट सेलिंग को "सोख" (absorb) लिया।
खास बात: सबसे मजबूत संकेत तब होता है जब बढ़ती हुई कैंडल पर नेगेटिव डेल्टा (Negative Delta) हो। यह इस बात का सबूत है कि मार्केट एग्रेसर्स एक लिमिट ऑर्डर की दीवार से टकराकर "टूट" गए।
3. फंसे हुए ट्रेडर्स (Trapped Traders)
यह अक्सर कैंडल के चरम सीमाओं (Extremes) पर होता है। उदाहरण के लिए, कैंडल के बिल्कुल टॉप पर हमें खरीदारी का एक बड़ा क्लस्टर (Ask) दिखता है, लेकिन कीमत उस लेवल के नीचे बंद हो जाती है।
निष्कर्ष: खरीदारों ने बिल्कुल टॉप पर एंट्री की, कीमत उनके खिलाफ चली गई, और अब वे घाटे में हैं। जैसे ही कीमत उनके खिलाफ और गिरेगी, वे अपनी पोजीशन बंद (सेल) करेंगे, जिससे गिरावट और तेज होगी।
प्रैक्टिकल उदाहरण: रिवर्सल की पहचान
मान लीजिए कीमत रेजिस्टेंस लेवल (Resistance) के पास पहुँच रही है।
साधारण कैंडल: यह एक मजबूत ब्रेकआउट जैसा दिखता है।
फुटप्रिंट: आप देखते हैं कि कैंडल के बिल्कुल टॉप पर (विक में) अधिकतम वॉल्यूम (POC) जमा हो गया है, और वहां डेल्टा अचानक बहुत ज्यादा नेगेटिव हो गया है।
कार्रवाई: यह एक फेकआउट (Fakeout) है। एक बड़े प्लेयर ने भीड़ की खरीदारी को अपने लिमिट ऑर्डर्स से "भर" दिया है। आप उस क्लस्टर के पीछे स्टॉप-लॉस के साथ शॉर्ट (Short) पोजीशन खोल सकते हैं।
प्रोग्रामिंग पक्ष: इसे कोड कैसे करें?
ट्रेडिंगव्यू (TradingView) जैसे अधिकांश प्लेटफॉर्म पाइन स्क्रिप्ट (Pine Script) में मुफ्त में पूर्ण फुटप्रिंट (Tick data) डेटा नहीं देते हैं। हालांकि, यदि आप Python और Pandas जैसी लाइब्रेरी के साथ Level 2 (Order Flow) डेटा का उपयोग करते हैं, तो आप स्वयं डेल्टा की गणना कर सकते हैं।
Python लॉजिक का उदाहरण (WebSocket डेटा विश्लेषण के लिए छद्म कोड):
# क्लस्टर के लिए डेल्टा गणना का सरल लॉजिक
import pandas as pd
def calculate_cluster(trades):
# trades - डिक्शनरी की सूची जिसमें 'price', 'volume', 'side' हो
df = pd.DataFrame(trades)
# कीमत और ट्रेड साइड के आधार पर ग्रुप करें
cluster = df.groupby(['price', 'side'])['volume'].sum().unstack(fill_value=0)
if 'buy' in cluster and 'sell' in cluster:
cluster['Delta'] = cluster['buy'] - cluster['sell']
cluster['Total_Vol'] = cluster['buy'] + cluster['sell']
return cluster
# असंतुलन खोजना (Imbalance > 300%)
def find_imbalance(cluster, threshold=3.0):
# तिरछा मुकाबला: Bid (n) बनाम Ask (n+1)
# ... लूपिंग लॉजिक ...
pass
एडवांस ट्रिक्स (कम ज्ञात जानकारी)
- टिक साइज फ़िल्टरिंग: एक फ़िल्टर सेट करें ताकि आप केवल वही क्लस्टर देख सकें जहाँ वॉल्यूम औसत से काफी ऊपर हो (जैसे 50+ लॉट के ब्लॉक)। यह "रिटेल शोर" को हटा देगा और केवल बड़े संस्थानों के निशान छोड़ेगा।
- स्टैक्ड इम्बैलेंस (Stacked Imbalances): यदि लगातार 3 प्राइस लेवल पर असंतुलन होता है, तो वह रेंज पूरे ट्रेडिंग दिन के लिए एक बहुत शक्तिशाली सपोर्ट/रेजिस्टेंस ज़ोन बन जाती है।
- POC रीटेस्ट: यदि कीमत पिछली हाई-वॉल्यूम कैंडल के POC लेवल पर वापस आती है और कम वॉल्यूम पर "बाउंस" करती है — तो यह उस लेवल की मजबूती की पुष्टि है।
अगर पहले भाग में हमने बुनियादी बातों को समझा, तो अब हम और भी सूक्ष्म विषयों पर चर्चा करेंगे: डेल्टा डायनेमिक्स, लिक्विडिटी एनालिसिस और वे विशिष्ट ट्रेडिंग सेटअप जो सामान्य चार्ट पर दिखाई नहीं देते।
4. क्यूम्युलेटिव डेल्टा (Cumulative Delta): ट्रेंड का गुप्त स्पीडोमीटर
सामान्य डेल्टा एक ही कैंडल के भीतर खरीद और बिक्री के अंतर को दिखाता है। क्यूम्युलेटिव डेल्टा ट्रेडिंग सत्र की शुरुआत से इन मूल्यों को जोड़ता जाता है।
डाइवर्जेंस (Divergence) — रिवर्सल का संकेत
यह फुटप्रिंट ट्रेडर के पास सबसे शक्तिशाली संकेतों में से एक है:
बेयरिश डाइवर्जेंस (Bearish Divergence): कीमत एक नया लोकल हाई बनाती है, लेकिन क्यूम्युलेटिव डेल्टा ऐसा नहीं कर पाता (या गिरना शुरू कर देता है)।
इसका क्या अर्थ है: नई ऊंचाई "खाली" वॉल्यूम पर या सेलर्स के स्टॉप-लॉस हिट होने के कारण मिल रही है, लेकिन असली आक्रामक खरीदार खत्म हो चुके हैं। इसी समय, एक बड़ा सेलर लिमिट ऑर्डर्स के माध्यम से बची हुई सारी डिमांड को सोख (absorb) रहा है।
प्रैक्टिस: फुटप्रिंट में पुष्टि (confirmation) का इंतज़ार करें — कैंडल के ऊपरी हिस्से में लाल POC दिखाई देने का।
5. वॉल्यूम डिस्ट्रीब्यूशन के आधार पर कैंडल के प्रकार
फुटप्रिंट एनालिसिस में कैंडल्स को रंग (बुलिश/बेयरिश) के बजाय वॉल्यूम डिस्ट्रीब्यूशन के आकार (P-आकार, b-आकार, D-आकार) के आधार पर विभाजित किया जाता है।
| प्रोफाइल टाइप | कैंडल में स्वरूप | क्या दर्शाता है |
|---|---|---|
| P-प्रोफाइल | मुख्य वॉल्यूम ऊपरी हिस्से में | मजबूत ऊपर की ओर मोमेंटम या प्रॉफिट बुकिंग (Short Covering)। यदि कीमत और ऊपर नहीं जा पाती, तो अक्सर रिवर्सल का अग्रदूत होता है। |
| b-प्रोफाइल | मुख्य वॉल्यूम निचले हिस्से में | शुरुआत में आक्रामक बिक्री और अंत में ठहराव। अक्सर खरीदारों के आत्मसमर्पण (capitulation) का संकेत देता है। |
| D-प्रोफाइल | वॉल्यूम बीच में केंद्रित | बाजार का संतुलन (Equilibrium)। कीमत ने "उचित मूल्य" पा लिया है। रेंज की सीमाओं से ट्रेडिंग के लिए आदर्श। |
6. "थिन बॉडी" विधि (Low Volume Nodes)
फुटप्रिंट में लिक्विडिटी के "छेद" या गैप्स का विश्लेषण करने की एक कम ज्ञात तकनीक। यदि आप देखते हैं कि कीमत न्यूनतम वॉल्यूम के साथ कुछ टिकों को पार कर गई (उदाहरण के लिए, औसत 100 के मुकाबले प्रति स्तर केवल 1-5 लॉट), तो यह लो लिक्विडिटी ज़ोन (LVN) है।
तर्क: बाजार इन स्तरों को पार कर गया क्योंकि वहां कोई प्रतिरोध (resistance) नहीं था।
पूर्वानुमान: भविष्य में, जब कीमत इस ज़ोन में वापस आएगी, तो संभावना है कि वह इसे फिर से बहुत तेजी से पार कर जाएगी। यह एक "वैक्यूम" है जो कीमत को आकर्षित नहीं करता, बल्कि उसे निकटतम हाई वॉल्यूम नोड्स (HVN) की ओर धकेलता है।
7. तकनीकी सूक्ष्मता: स्क्वीज़ और स्लिपेज (Slippage)
फुटप्रिंट हमें यह देखने की अनुमति देता है कि बड़े ऑर्डर्स कैसे निष्पादित किए जाते हैं। यदि आप टाइम एंड सेल्स (Time & Sales) या फुटप्रिंट में एक बड़ी खरीद देखते हैं जो 5-10 प्राइस लेवल पर फैली हुई है (Buy Sweep), तो यह संस्थागत (Institutional) प्रवेश का संकेत है।
TradingView पर डेल्टा एम्यूलेशन के लिए कोड (Pine Script v5):
हालाँकि पाइन स्क्रिप्ट विशेष कार्यों के बिना कैंडल के अंदर असली Bid/Ask नहीं देख सकता, लेकिन हम असामान्य वॉल्यूम वाली कैंडल्स को हाईलाइट कर सकते हैं:
//@version=5
indicator("Volume Delta Proxy", overlay=true)
// डेल्टा एम्यूलेशन: बढ़ते और गिरते बार पर वॉल्यूम के बीच का अंतर
vol_delta = (close > open) ? volume : -volume
avg_vol = ta.sma(volume, 20)
// असामान्य वॉल्यूम वाली कैंडल्स को हाईलाइट करें (Relative Volume > 2)
is_high_vol = volume > avg_vol * 2
plotshape(is_high_vol, style=shape.xcross, location=location.abovebar, color=color.yellow, title="High Vol Cluster")
8. अल्पज्ञात सेटअप: "फिनिश्ड ऑक्शन" (Finished Auction)
ऑक्शन मार्केट थ्योरी (जिस पर फुटप्रिंट आधारित है) के अनुसार, एक "स्वस्थ" कैंडल को एक्सट्रीम (high या low) पर एक तरफ "जीरो" के साथ समाप्त होना चाहिए।
- फिनिश्ड ऑक्शन (Finished Auction): कैंडल के बिल्कुल हाई पर Ask = 0 है। इसका मतलब है कि इस कीमत पर अब कोई खरीदार नहीं बचा है। नीलामी (auction) पूरी हो गई है।
- अनफिनिश्ड ऑक्शन (Failed Auction): कैंडल के हाई पर Bid और Ask दोनों मौजूद हैं (जैसे, 50x30)।
रहस्य: बाजार की "याददाश्त" होती है। यदि एक्सट्रीम पर ऑक्शन अधूरा रह जाता है, तो 80% संभावना है कि कीमत उस स्तर को "बंद" करने के लिए निकट भविष्य में वहां वापस आएगी, भले ही अभी वह दूसरी दिशा में चली गई हो।
टर्मिनल के लिए व्यावहारिक सुझाव
- फिल्टर सेटिंग (Clustered Search): हर चीज़ को न देखें। औसत वॉल्यूम से 5 गुना अधिक बड़े क्लस्टर दिखने पर साउंड अलर्ट सेट करें।
- टाइमफ्रेम: फुटप्रिंट टिक चार्ट (जैसे 500 टिक) या रेंज बार पर सबसे अच्छा काम करता है। समय आधारित चार्ट (5 मिनट, 15 मिनट) अक्सर क्लस्टर को "धुंधला" कर देते हैं।
- लेवल के साथ तालमेल: कभी भी फुटप्रिंट को "हवा में" ट्रेड न करें। क्लस्टर केवल रुचि के क्षेत्रों (Zones of Interest) जैसे कल का POC, वैल्यू एरिया की सीमाएं या फाइबोनैचि स्तरों पर ही खोजें।
अब हम विश्लेषण के अंतिम और सबसे गहन भाग की ओर बढ़ रहे हैं। यहाँ हम लिमिट और मार्केट ऑर्डर्स के बीच के आपसी तालमेल को समझेंगे, और यह जानेंगे कि फुटप्रिंट कैसे रियल-टाइम में "स्मार्ट मनी" की चाल पहचानने में मदद करता है।
9. एब्सॉर्प्शन (Absorption) बनाम एग्रेशन (Aggression)
यह फुटप्रिंट रीडिंग का "मास्टर क्लास" स्तर है। यह समझने के लिए कि कौन जीतेगा, आपको कैंडल के रंग पर नहीं, बल्कि इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कीमत वॉल्यूम पर कैसे प्रतिक्रिया करती है।
- एग्रेशन (Aggression): ये मार्केट ऑर्डर्स होते हैं। फुटप्रिंट में, ये बढ़त के दौरान हाई Ask या गिरावट के दौरान हाई Bid के रूप में दिखाई देते हैं। यह मूवमेंट का "ईंधन" है।
- एब्सॉर्प्शन (Absorption): ये लिमिट ऑर्डर्स होते हैं। निष्पादन (execution) के क्षण तक ये फुटप्रिंट में सीधे दिखाई नहीं देते, लेकिन इनके प्रभाव से इनका अनुमान लगाया जा सकता है।
परिदृश्य (Scenario): कीमत बढ़ रही है, और हम फुटप्रिंट में विशाल खरीद क्लस्टर (हरे Ask) देखते हैं, फिर भी कीमत स्थिर है या बहुत धीमी गति से ऊपर बढ़ रही है (छोटी कैंडल बॉडी)।
निष्कर्ष: यहाँ एक बड़ा "लिमिट सेलर" बैठा है। वह बस अपनी "ऑफर" सप्लाई कर रहा है, जिससे मार्केट बायर्स टकरा रहे हैं। जैसे ही खरीदारी की थकान (exhaustion) शुरू होगी, कीमत गिर जाएगी, क्योंकि वे खरीदार गिरावट के लिए ईंधन बन जाएंगे जब वे अपने स्टॉप-लॉस पर पोजीशन क्लोज करने को मजबूर होंगे।
10. माइक्रो-डाइवर्जेंस: इंट्रा-कैंडल डेल्टा संरचना
बहुत कम ट्रेडर्स एक ही बार (bar) के भीतर डेल्टा संरचना पर ध्यान देते हैं।
- पॉजिटिव डेल्टा इन द टेल: यदि कैंडल गिर रही है लेकिन इसकी निचली विक (tail) में हम खरीदारी का प्रभुत्व (Ask > Bid) देखते हैं, तो यह सक्रिय "डिप बाइंग" और बिकवाली के अवशोषण (absorption) का संकेत है।
- जीरो डेल्टा एट POC: यदि पॉइंट ऑफ कंट्रोल (अधिकतम वॉल्यूम स्तर) पर Bid और Ask लगभग बराबर हैं, तो यह अनिश्चितता (indecision) के क्षेत्र को दर्शाता है। ऐसी कैंडल से प्राइस ब्रेकआउट अगले कुछ बार्स के लिए दिशा तय करेगा।
11. डेल्टा फिनिश — छिपा हुआ रिवर्सल सिग्नल
एक दुर्लभ लेकिन अत्यधिक सटीक संकेत है: जब एक कैंडल बहुत अधिक डेल्टा (जैसे, 90% वॉल्यूम खरीदारी है) के साथ बंद होती है, फिर भी अगली कैंडल खुलती है और तुरंत विपरीत दिशा में चली जाती है।
ऐसा क्यों होता है: यह "बाइंग क्लाइमेक्स" है। अंतिम देर से आने वाले ट्रेडर्स ने चलती ट्रेन में छलांग लगाई, एक बड़े प्लेयर ने अपनी लिक्विडिटी का उपयोग बाहर निकलने या पोजीशन पलटने के लिए किया, और अब आगे की बढ़त के लिए कोई ईंधन नहीं बचा है।
12. व्यावहारिक रणनीति: "आइसबर्ग टेस्ट"
आइसबर्ग ऑर्डर एक बड़ा लिमिट ऑर्डर होता है जिसे छोटे टुकड़ों में तोड़ दिया जाता है ताकि बाजार में घबराहट न हो। फुटप्रिंट में, यह एक ऐसे स्तर के रूप में प्रकट होता है जहाँ भारी बिक्री (Bid) लगातार हो रही है, फिर भी कीमत एक टिक भी नीचे नहीं जा पा रही है।
इसे कैसे ट्रेड करें:
- उस स्तर की पहचान करें जहाँ असामान्य रूप से बड़ी संख्या में कॉन्ट्रैक्ट्स का ट्रेड हुआ है (जैसे, सामान्य 50 के मुकाबले 500+), लेकिन कीमत टस से मस नहीं हुई।
- विपरीत दिशा में इम्बैलेंस (Imbalance) आने का इंतज़ार करें।
- ट्रेड में प्रवेश करें। स्टॉप-लॉस को "आइसबर्ग" के ठीक पीछे रखा जाता है। यह एक बेहतरीन रिस्क/रिवॉर्ड रेश्यो (अक्सर 1:5 या अधिक) देता है।
13. प्रो ट्रेडर्स के लिए तकनीकी स्टैक
जो लोग अपने विश्लेषण को ऑटोमेट करना चाहते हैं या कस्टम इंडिकेटर लिखना चाहते हैं, उनके लिए डेटा सोर्सिंग को समझना महत्वपूर्ण है।
- लेवल 1 (Top of Book): केवल वर्तमान सर्वोत्तम Bid/Ask दिखाता है। फुटप्रिंटिंग के लिए अनुपयोगी।
- लेवल 2 (Order Book/DOM): मार्केट डेप्थ। यह दिखाता है कि लिमिट ऑर्डर्स कहाँ बैठे हैं।
- टाइम एंड सेल्स (The Tape): निष्पादित ट्रेड्स का प्रवाह। फुटप्रिंट इसी से बनाया जाता है।
यदि आप फुटप्रिंट डेटा का विश्लेषण करने के लिए पायथन बॉट लिख रहे हैं, तो WebSocket लाइब्रेरी (जैसे बाइनेंस एपीआई के लिए binance-connector) का उपयोग करें। आपको प्रत्येक aggTrade इवेंट को एकत्रित करना होगा, उन्हें कीमत और दिशा (buyer_maker) के आधार पर वर्गीकृत करना होगा।
# फुटप्रिंटिंग के लिए ट्रेड की दिशा निर्धारित करने का लॉजिक
def process_trade(trade):
price = float(trade['p'])
quantity = float(trade['q'])
# True का मतलब मार्केट सेल (Bid को हिट करता है), False का मतलब मार्केट बाय (Ask को हिट करता है)
is_buyer_maker = trade['m']
if is_buyer_maker:
update_cluster(price, bid=quantity)
else:
update_cluster(price, ask=quantity)
सारांश और ट्रेडर की चेकलिस्ट
पेशेवर रूप से फुटप्रिंट का उपयोग करने के लिए, प्रत्येक ट्रेड से पहले इन 4 बिंदुओं की पुष्टि करें:
- POC कहाँ है? (क्या यह बॉडी में है, टेल में है, या पिछले दिन के POC के ऊपर/नीचे है?)
- क्या कोई इम्बैलेंस है? (खरीदारों या विक्रेताओं की ओर से एग्रेशन?)
- क्या ट्रेडर्स फंसे हुए (Trapped) हैं? (एक्सट्रीम पर हाई वॉल्यूम जिससे कीमत दूर चली गई है?)
- क्यूम्युलेटिव डेल्टा क्या कह रहा है? (क्या यह प्राइस मूव की पुष्टि करता है या इसके विपरीत जा रहा है?)
अंतिम विचार: फुटप्रिंट कोई जादुई क्रिस्टल बॉल नहीं है; यह मार्केट मैकेनिक्स को समझने का एक उपकरण है। यह आपको यह नहीं बताएगा कि अगले हफ्ते कीमत कहाँ होगी, लेकिन यह आपको ठीक-ठीक दिखाता है कि "अभी और यहीं" क्या हो रहा है, जिससे आप सटीक स्टॉप-लॉस के साथ ट्रेड कर सकते हैं।